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शैडो ने ONE Fight Night 33 में मोहम्मद यूनेस रबाह के खिलाफ जीत की कुंजी बताई

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शैडो सिंघा माविन ने गांव के जिम के एक पंचिंग बैग से लेकर ONE Championship के ग्लोबल स्टेज तक का सफर तक किया है और उनकी उड़ान का ये सफर अल्जीरियाई स्टार मोहम्मद यूनेस रबाह के खिलाफ जारी रहेगा।

शनिवार, 12 जुलाई को बैंकॉक, थाईलैंड के लुम्पिनी स्टेडियम में होने वाले ONE Fight Night 33: Rodrigues vs. Persson में दोनों का अहम फेदरवेट मॉय थाई मैच में होगा।

फिलहाल फेदरवेट मॉय थाई डिविजन में तीसरे स्थान पर काबिज 25 वर्षीय स्टार अपनी रैंकिंग का बचाव करते हुए ONE फेदरवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन तवनचाई पीके साइन्चाई के खिलाफ मैच हासिल करना चाहेंगे।

Singha Mawynn टीम के प्रतिनिधि रबाह की लंबाई और ताकत से वाकिफ हैं, लेकिन इससे उनके आत्मविश्वास पर फर्क नहीं पड़ा है।

शैडो ने कहा:

“मैं जानता हूं कि वो स्किल वाले फाइटर हैं खासकर भारी-भरकम और खतरनाक पंचों के साथ। मुझे अभी तक उनमें कोई खास कमी नहीं दिखी है, लेकिन मैं अपना सब कुछ झोंकने के लिए तैयार हूं।”

शैडो ने इस मैच के लिए उन चीजों पर ध्यान दिया है, जिसकी वजह से छह फुट दो इंच लंबे अल्जीरियाई स्टार को काबू किया जा सके। वो अपने खेल के सबसे खास हथियार पर काम कर रहे हैं, जिसने उन्हें ONE Friday Fights में पांच जीत दिलाई हैं।

जब उन्हें लंबाई में बड़े और उनके सबसे खतरनाक हथियार के बारे में पूछा गया तो उन्हें सीधा जवाब दिया।

शैडो ने कहा:

“हमारा ध्यान अपने विरोधी के पंचों को रोकने पर है। इस फाइट के लिए मेरी तैयारी ONE Friday Fights जैसी ही है क्योंकि हम Singha Mawynn Gym में सुबह और शाम को ट्रेनिंग कर रहे हैं।

“मुझे नहीं लगता है कि मुझे बड़े प्रतिद्वंदी का सामना करने में कोई दिक्कत है। मोहम्मद बड़े और स्किल वाले हैं, जो उन्हें एक अच्छा चैलेंजर बनाता है। इस फाइट में मेरा सबसे खतरनाक हथियार मेरी एल्बोज़ होंगी।”

शैडो ने छह अंकों की राशि वाले कॉन्ट्रैक्ट के बारे में बात की

एक तरफ शैडो सिंघा माविन का ध्यान मोहम्मद यूनेस रबाह के खिलाफ यूएस प्राइमटाइम डेब्यू करने पर लगा हुआ है, लेकिन वो उस पल को नहीं भूले हैं, जिसने उन्हें ONE Championship के मेन रोस्टर तक पहुंचाया।

उन्होंने ONE Friday Fights 100 में धमाकेदार नॉकआउट के दम पर दुनिया के सबसे बड़े मार्शल आर्ट्स संगठन के साथ एक लाख यूएस डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट जीता था। उस प्रदर्शन ने उन्हें रीजनल सर्किट से ग्लोबल स्टेज तक पहुंचाया और सपने को साकार करने का मौका दिया।

शैडो ने बताया:

“जब ONE Friday Fights 100 में मुझे कॉन्ट्रैक्ट हासिल हुआ है तो हैरान और बहुत भावुक था। मुझे नॉकआउट और फिर बोनस मिला, जिसकी कल्पना तक नहीं की थी। सबसे खास रहा ONE Championship से कॉन्ट्रैक्ट जीतना”

गरीबी में पले-बढ़े फाइटर ने अपनी मॉय थाई कामयाबी से परिवार को सपोर्ट किया है और अब ग्लोबल स्टेज पर मुकाबला करना उनके लिए बहुत लंबी छलांग है।

शैडो का बचपन ताक प्रांत में बीता, जहां उन्हें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मां को परिवार का पेट पालने के लिए कंट्रक्शन और दूसरे काम करने पड़े। लेकिन ONE कॉन्ट्रैक्ट मिलने के अलावा मिली पहचान के बावजूद उनकी नजरें वर्ल्ड टाइटल मैच हासिल करने पर टिकी हैं।

थाई कंटेंडर ने बताया:

“गांव के लड़के के लिए जो प्रांत में फाइट को करता था, मैं सोचता था कि रीजनल सर्किट पर मेन इवेंट फाइटर होना ही मुझे खुशी से भर देगा। वर्ल्ड स्टेज पर आकर थाईलैंड का प्रतिनिधित्व करना कल्पना से परे है।

“उस दिन के बाद से मेरी लाइफ काफी बदल गई है। मुझे पहचान मिली है और लोग मुझे चीयर करते हैं। कभी-कभी नेगेटिव कमेंट भी होते हैं, लेकिन मैंने उस पर ध्यान ने देकर अपना फोकस ट्रेनिंग पर बनाकर रखा है।”



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